यह विधि घर पर रोज़ की पूजा के लिए है—बिना अधिक कर्मकांड, पर सही भाव और क्रम के साथ। व्यस्त लोग भी इसे 10–15 मिनट में कर सकते हैं।
उत्तम समय
- ब्रह्ममुहूर्त: सूर्योदय से ~1.5 घंटे पहले (सर्वश्रेष्ठ)
- या सूर्योदय के बाद स्नान करके
Step-by-Step सुबह की पूजा
Step 1 — शुद्धि (Preparation)
- उठते ही हाथ-पैर धोएँ, दाँत साफ करें
- स्नान (संभव न हो तो मुख-हाथ-पैर धोकर भी)
- साफ कपड़े पहनें
- पूजा-स्थान साफ रखें
भाव रखें: आज का दिन ईश्वर को समर्पित है।
Step 2 — आसन और दिशा
- पूर्व या उत्तर मुख करके बैठें
- ऊन/कुश/कपास का आसन श्रेष्ठ
Step 3 — दीप प्रज्वलन
- घी या तेल का दीप जलाएँ
- कहें: “ॐ दीपज्योतिः परं ब्रह्म…” (या मन में प्रार्थना)
दीप = अज्ञान से ज्ञान की ओर
Step 4 — गणेश स्मरण
- छोटा सा मंत्र: “ॐ गं गणपतये नमः” (3–11 बार)
यह पूजा में आने वाली बाधाएँ दूर करता है।
Step 5 — इष्टदेव/देवी पूजन
- अपने इष्टदेव (शिव, विष्णु, दुर्गा, हनुमान आदि) का स्मरण
- जल/फूल/अक्षत अर्पण
- एक छोटा मंत्र या नाम-जप (11–108 बार)
Step 6 — मंत्र जप / गायत्री
- गायत्री मंत्र (यदि जानते हों) या
- “ॐ नमः शिवाय / ॐ नमो नारायणाय”
शास्त्रों में मंत्र-जप को चित्त-शुद्धि का साधन बताया गया है (देखें: भगवद्गीता)।
Step 7 — आरती
- छोटी आरती करें (घर पर 1–2 मिनट पर्याप्त)
- घंटी/ताली हो तो बजाएँ
Step 8 — प्रार्थना और संकल्प
- आज के लिए संकल्प: “मैं आज सत्य, करुणा और कर्तव्य से चलूँगा/चलूँगी।”
Step 9 — प्रसाद
- फल/मिश्री/गुड़ का छोटा प्रसाद
- परिवार में बाँटें
समय-बचत संस्करण (5 मिनट)
- दीप
- गणेश मंत्र (3 बार)
- इष्टदेव नाम-जप (11 बार)
- छोटी प्रार्थना
आम गलतियाँ (इनसे बचें)
- बिना स्नान/शुद्धि पूजा
- मोबाइल देखते हुए पूजा
- बहुत तेज़ी या दिखावा
- केवल सामग्री, भाव नहीं
महत्वपूर्ण बात
भगवान भाव देखते हैं, भव्यता नहीं। नियमित, सरल और श्रद्धा-युक्त पूजा ही श्रेष्ठ है।
सुबह की पूजा कैसे करें? (Step-by-Step – सरल और शास्त्रीय विधि)


