Description
मंदिर का परिचय (Temple Overview)
बिहार के वैशाली–सोनपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन हरिहरनाथ मंदिर वह दिव्य स्थल है जहाँ भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) का अद्वितीय संगम मिलता है।
यहाँ की विशेषता है— हरि-हर का एकीकृत रूप सोनपुर मेला काल से जुड़ी हजारों वर्षों की परंपरा मनोकामना पूर्ति और वैवाहिक-सुख का विशेष आशीर्वाद पितृ-शांति और पारिवारिक कल्याण हेतु अत्यंत सिद्ध स्थान
Sanatana Bihar द्वारा कराई गई पूजा सीधे हरिहरनाथ जी की मूल गरिमा और शास्त्रीय विधि के साथ कराई जाती है।
पूजा कैसे की जाएगी? (Puja Procedure)
Sanatana Bihar आपकी ओर से हरिहरनाथ मंदिर में पूर्ण विधि से पूजा संपन्न कराता है: संकल्प एवं नाम-गोत्र उच्चारण
पंडितजी आपके नाम-गोत्र के साथ पूजा का संकल्प लेते हैं। आपकी मनोकामना को संकल्प में शामिल किया जाता है।
अभिषेक एवं अर्चना
हरिहरनाथ जी का जल-दूध-गंगाजल अभिषेकचंदन, अक्षत, पुष्प, बिल्व व तुलसी अर्पण शिव-विष्णु संयुक्त मंत्रों का पाठ
विशेष चढ़ावा
नैवेद्य, दीप-दान, धूप, नारियल, मौली, सुपारी
आपकी इच्छा अनुसार व्रत-सेवा / गौ-सेवा आदि विकल्प
आरती एवं आशीर्वाद
मंदिर में संध्या/प्रातः आरती में आपका नाम-उच्चारण पंडितजी द्वारा आपके लिए व्यक्तिगत आशीर्वाद
डिजिटल डिलीवरी
पूजा का वीडियो/फोटो
डिजिटल प्रमाणपत्र प्रसाद का पवित्र पैकेट (सील-पैक)
Baba-Hariharnath
पूजा के लाभ (Benefits of Hariharnath Puja)
हरिहरनाथ भगवान की पूजा से परंपरागत रूप से भक्तों को प्राप्त होते हैं: परिवारिक शांति एवं कल्याण घर में स्थिरता, सौहार्द और मानसिक संतुलन बढ़ता है।
दाम्पत्य सुधार व विवाह-संबंध हरि-हर का ऊर्जा-संतुलन दाम्पत्य जीवन में मधुरता लाता है। रोग-निवारण व आयु-वृद्धि की कामना अभिषेक एवं विशेष मंत्र मनुष्य के स्वास्थ्य और ऊर्जा को प्रभावित करते हैं।
पितृ-शांति और वंश के लिए कल्याणहरिहरनाथ क्षेत्र पितरों की तृप्ति का अत्यंत सिद्ध स्थान माना गया है।भाग्य, करियर और जीवन-मार्ग में उन्नति शिव-विष्णु की संयुक्त ऊर्जा से कर्म-दोष शांति और नई राहें बनती हैं।







