तारा चंडी शक्तिपीठ भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक प्रमुख पीठ माना जाता है, जहाँ देवी सती के ‘दाहिने नेत्र’ के गिरने का उल्लेख मिलता है। यहीं देवी तारा — उग्र करुणामयी माता काली का सौम्य स्वरूप — अपने भक्तों की रक्षा, संकट-निवारण और आध्यात्मिक जागृति प्रदान करती हैं।
मुंगेर के इस प्राचीन पीठ की विशिष्टताएँ:
भारत का प्राचीन तांत्रिक–शक्ति केंद्र
भूत–प्रेत बाधा, कष्ट–निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी
संत–साधुओं की तपभूमि
नवरात्र में महाशक्ति उपासना का मुख्य स्थान
यहाँ की पूजा विशेषतः संकट निवारण, शत्रु बाधा शांति, भय मिटाने, और शक्ति–अनुग्रह के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
पूजा कैसे की जाएगी? (Puja Procedure)
Sanatana Bihar पर बुक की गई पूजा तारा चंडी पीठ के पारंपरिक तांत्रिक–वैदिक आचार्यों द्वारा की जाती है:
नाम–गोत्र के साथ व्यक्तिगत संकल्प, देवी तारा के समक्ष घृत दीपदान, काली–तारा बीज मंत्र जप, नीलपुष्प / लाल पुष्प अर्पण, नीलगंगा जल चढ़ाना, विशिष्ट तारा कवच पाठ, मनोकामना, सिद्धि हेतु शत्रु-नाशक हवन (Premium), देवी का आशीर्वाद व प्रसाद आपके नाम पर तैयार
आपको WhatsApp पर मिलता है: पूजा फोटो
संकल्प वीडियो
मंत्रोच्चारण क्लिप
अभिषेक झलकियाँ
9FRJ+Q34, Biratpur, Chandi Asthan Rd, Basudevpur, Munger, Bihar 811202
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बिहार के वैशाली–सोनपुर क्षेत्र में स्थित प्राचीन हरिहरनाथ मंदिर वह दिव्य स्थल है जहाँ भगवान विष्णु (हरि) और भगवान शिव (हर) का अद्वितीय संगम मिलता है।
यहाँ की विशेषता है— हरि-हर का एकीकृत रूप सोनपुर मेला काल से जुड़ी हजारों वर्षों की परंपरा मनोकामना पूर्ति और वैवाहिक-सुख का विशेष आशीर्वाद पितृ-शांति और पारिवारिक कल्याण हेतु अत्यंत सिद्ध स्थान
Sanatana Bihar द्वारा कराई गई पूजा सीधे हरिहरनाथ जी की मूल गरिमा और शास्त्रीय विधि के साथ कराई जाती है।
हरिहरनाथ जी का जल-दूध-गंगाजल अभिषेकचंदन, अक्षत, पुष्प, बिल्व व तुलसी अर्पण शिव-विष्णु संयुक्त मंत्रों का पाठ
नैवेद्य, दीप-दान, धूप, नारियल, मौली, सुपारी
आपकी इच्छा अनुसार व्रत-सेवा / गौ-सेवा आदि विकल्प
मंदिर में संध्या/प्रातः आरती में आपका नाम-उच्चारण पंडितजी द्वारा आपके लिए व्यक्तिगत आशीर्वाद
पूजा का वीडियो/फोटो
डिजिटल प्रमाणपत्र प्रसाद का पवित्र पैकेट (सील-पैक)
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